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Chapter 16- दैनिक जीवन में रसायन (Chemistry in Everyday Life) Interview Questions Answers

Question 1 : अनिद्राग्रस्त रोगियों को चिकित्सक नींद लाने वाली गोलियाँ लेने का परामर्श देते हैं, परन्तु बिना चिकित्सक से परामर्श लिए इनकी खुराक लेना उचित क्यों नहीं है?

Answer 1 : नींद की गोलियों में प्रशांतक या प्रतिअवसादक होते हैं। ये तंत्रिका तन्त्र को प्रभावित करके नींद लाते हैं। यदि इनकी खुराक भली प्रकार नियन्त्रित न हो तब ये हानिकारक प्रभाव डालते हैं तथा विष की तरह कार्य करके मृत्यु तक कारित करते हैं। अत: यह सलाह दी जाती है कि इन नींद की गोलियों को चिकित्सक की सलाह से लेना चाहिए।

Question 2 : किस वर्गीकरण के आधार पर वक्तव्य, रेनिटिडीन प्रतिअम्ल हैं, दिया गया है?

Answer 2 : यह वक्तव्य औषध के फार्माकोलोजिकल (pharmacological) आधार पर वर्गीकरण की ओर संकेत करता है क्योंकि औषध जिसका प्रयोग आमाशय में उपस्थित अम्ल के आधिक्य को उदासीन करता है, प्रतिअम्ल (antacid) कहलाता है।

Question 3 : हमें कृत्रिम मधुरकों की आवश्यकता क्यों पड़ती है?

Answer 3 : हमें कृत्रिम मधुरकों की आवश्यकता कैलोरी कम करने तथा दंतक्षय को रोकने के लिए पड़ती है।

Question 4 : ग्लिसरिल ओलिएट तथा ग्लिसरिल पामिटेट से सोडियम साबुन बनाने के लिए रासायनिक
समीकरण लिखिए। इनके संरचनात्मक सूत्र नीचे दिए गए हैं
(i) (C15H31COO)3 C3H
ग्लिसरिल पामिटेट
(ii) (C15H32COO)3 C3H
ग्लिसरिल ओलिएट।

Answer 4 : (i)

(ii)

Question 5 : निम्नलिखित प्रकार के अनायनिक अपमार्जक, द्रव अपमार्जकों, इमल्सीकारकों और क्लेदन कारकों (wetting agents) में उपस्थित होते हैं। अणु में जलरागी तथा जलविरागी हिस्सों को दर्शाइए। अणु में उपस्थित प्रकार्यात्मक समूह की पहचान कीजिए।

Answer 5 :


अपमार्जक अणु में उपस्थित विभिन्न प्रकार्यात्मक समूह हैं

  1. ईथर,
  2. प्राथमिक (1°) ऐल्कोहॉलीय समूह।

Question 6 : हमें औषधों को विभिन्न प्रकार से वर्गीकृत करने की आवश्यकता क्यों है?

Answer 6 : औषधों को विभिन्न प्रकार से वर्गीकृत करने के अनेक लाभ हैं। उदाहरणार्थ, फार्माकोलोजिकल प्रभाव के आधार पर वर्गीकरण डॉक्टरों के लिए लाभदायक है क्योंकि इससे उन्हें किसी रोग विशेष के उपचार के लिए उपलब्ध सभी औषधों की जानकारी मिलती है। इसी प्रकार जैवरासायनिक प्रक्रम पर प्रभाव के आधार पर वर्गीकरण से वांछित औषध के संश्लेषण के लिए सही यौगिक के चयन में सहायता मिलती है। अणु लक्ष्यों के आधार पर वर्गीकरण से केमिस्टों को किसी विशेष ग्राही स्थल के लिए सर्वाधिक प्रभावी औषध के निर्माण में सहायता मिलती है। स्पष्ट है कि प्रत्येक प्रकार के वर्गीकरण की अपनी उपयोगिता है।

Question 7 : औषध रसायन के पारिभाषिक शब्द, लक्ष्य-अणु अथवा औषध-लक्ष्य को समझाइए।

Answer 7 : औषध सामान्यत: जैविक वृहदाणुओं जैसे-कार्बोहाइड्रेट, लिपिड, प्रोटीन, न्यूक्लीक अम्ल के साथ अन्योन्यक्रियाएँ करते हैं जिन्हें औषध लक्ष्य कहते हैं।

Question 8 : उन वृहद-अणुओं के नाम लिखिए जिन्हें औषध-लक्ष्य चुना जाता है।

Answer 8 : प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, लिपिड, न्यूक्लीक अम्ल आदि।

Question 9 : बिना डॉक्टर से फ्रामर्श लिए दबाइयाँ क्यों नहीं लेनी चाहिए?

Answer 9 : बिना डॉक्टर के परामर्श के दवाइयाँ इसलिए नहीं लेनी चाहिए क्योंकि अधिक मात्रा में दवा विषैला प्रभाव डालती है तथा जीवधारी के कार्यों में व्यवधान उत्पन्न करती है।

Question 10 : रसायनचिकित्सा शब्द की परिभाषा लिखिए।

Answer 10 : रसायन विज्ञान की वह शाखा जो रसायनों के द्वारा रोगों के उपचार से संबंधित होती है, रसायन चिकित्सा कहलाती है।


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Chapter 16- दैनिक जीवन में रसायन (Chemistry in Everyday Life) Contributors

krishan

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