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Chapter 13- पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन (Surface Areas-Volumes) Ex-13.6 Interview Questions Answers

Question 1 : एक बेलनाकार बर्तन के आधार की परिधि 132 सेमी और उसकी ऊँचाई 25 सेमी है। इस बर्तन में कितने लीटर पानी आ सकता है? (1000 सेमी3 = 1 लीटर)

Answer 1 :


Question 2 : लकड़ी के एक बेलनाकार पाइप को आन्तरिक व्यास 24 सेमी है और बाहरी व्यास 28 सेमी है। इस पाइप की लम्बाई 35 सेमी है। इस पाइप का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए, यदि 1 सेमी लकड़ी का द्रव्यमान 0.6 ग्राम है।

Answer 2 :

लकड़ी के बेलनाकार पाइप का आन्तरिक व्यास = 24 सेमी।
आन्तरिक त्रिज्या (r) =  = 12 सेमी

Question 3 :
एक सोफ्ट ड्रिंक (soft drink) दो प्रकार के पैकों में उपलब्ध है:
(i) लम्बाई 5 सेमी और चौड़ाई 4 सेमी वाले एक आयताकार आधार का टिन का डिब्बा जिसकी ऊँचाई 15 सेमी है और
(ii) व्यास 7 सेमी वाले वृत्तीय आधार और 10 सेमी ऊँचाई वाला एक प्लास्टिक का बेलनाकार डिब्बा। किस डिब्बे की धारिता अधिक है और कितनी अधिक है?

Answer 3 :

टिन (आयताकार आधार वाले) के डिब्बे की लम्बाई (l) = 5 सेमी,
चौड़ाई (b) = 4 सेमी और ऊँचाई (h) = 15 सेमी
टिन के डिब्बे का आयतन = lbh = 5 x 4 x 5 घन सेमी। = 300 घन सेमी
टिन के डिब्बे की धारिता = 300 घन सेमी
प्लास्टिक के (वृत्तीय आधार वाले) डिब्बे का व्यास = 7 सेमी
वृत्तीय आधार वाले डिब्बे की त्रिज्या (r’) = सेमी

डिब्बे की ऊँचाई (h’) = 10 सेमी
बेलनाकार डिब्बे का आयतन = π (r’)² h’
x 10 घन सेमी

= 385 घन सेमी
बेलनाकार डिब्बे की धारिता = 385 घन सेमी|
अतः स्पष्ट है कि बेलनाकार डिब्बे की धारिता अधिक है तथा यह आयताकार आधार वाले डिब्बे की धारिता से (385 – 300) = 85 घन सेमी अधिक है।

Question 4 :
यदि एक बेलन का पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल 94.2 सेमी है और उसकी ऊँचाई 5 सेमी है, तो ज्ञात कीजिए :
(i) आधार की त्रिज्या,
(ii) बेलन का आयतन (π = 3.14 लीजिए)

Answer 4 :

(i) माना बेलन के आधार की त्रिज्या सेमी है।
दिया है, बेलन की ऊँचाई (h) = 5 सेमी
बेलन का पाश्र्व पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2πrh वर्ग सेमी = 2 x 3.14 x r x 5 वर्ग सेमी = 31.4r वर्ग सेमी
परन्तु प्रश्न में दिया है कि बेलन का पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल 94.2 सेमी है।
31.4r = 94.2 ⇒ r = 3
अतः बेलन के आधार की त्रिज्या = 3 सेमी।
(ii) बेलन की त्रिज्या (r) = 3 सेमी तथा
बेलन की ऊँचाई (h) = 5 सेमी बेलन का आयतन = πr²h = 3.14 x 3 x 3 x 5 घन सेमी = 3.14 x 45 घन सेमी = 141.3 घन सेमी।
अतः बेलन का आयतन = 141.3 घन सेमी।

Question 5 :
10 मीटर गहरे एक बेलनाकार बर्तन की आन्तरिक वक्र पृष्ठ को पेंट कराने का व्यय 2200 है। यदि पेंट कराने की दर 20 प्रति मीटर है तो ज्ञात कीजिए :
(i) बर्तन का आन्तरिक वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल
(ii) आधार की त्रिज्या
(iii) बर्तन की धारिता

Answer 5 :


Question 6 : ऊँचाई 1 मीटर वाले एक बेलनाकार बर्तन की धारिता 15.4 लीटर है। इसको बनाने के लिए कितने वर्ग मीटर धातु की शीट की आवश्यकता होगी?

Answer 6 :


Question 7 : सीसे की एक पेंसिल (lead pencil) लकड़ी के एक बेलन के अभ्यन्तर में ग्रेफाइट (graphite) से बने ठोस बेलन को डाल कर बनाई गई है। पेंसिल का व्यास 7 मिमी है और ग्रेफाइट का व्यास 1 मिमी है। यदि पेंसिल की लम्बाई 14 सेमी है, तो लकड़ी का आयतन और ग्रेफाइट का आयतन ज्ञात कीजिए।

Answer 7 :

पेंसिल का व्यास = 7 मिमी = 0.7 सेमी [1 मिमीसेमी

पेसिल की त्रिज्या (r) = सेमी = 0.35 सेमी

पेंसिल की लम्बाई (h) = 14 सेमी
पेंसिल का आयतन = πr²h = x 0.35 x0.35 x 14 घन सेमी = 5.39 घन सेमी।

ग्रेफाइट रॉड का व्यास = 1 मिमी = 0.1 सेमी
ग्रेफाइट रॉड की त्रिज्या (r’) = = 0.05 सेमी

ग्रेफाइट रॉड की लम्बाई (h) = 14 सेमी
ग्रेफाइट रॉड का आयतन = π(r’)²h
x 0.05 x0.05 x 14 घन सेमी = 0.11 घन सेमी

पेंसिल में लगी लकड़ी का आयतन = पेंसिल का आयतनग्रेफाइट रॉड का आयतन = (5.39 – 0.11) घन सेमी = 5.28 घन सेमी
अतः लकड़ी का आयतन 5.28 घन सेमी और ग्रेफाइट का आयतन 0.11 घन सेमी है।

Question 8 : एक अस्पताल (hospital) के एक रोगी को प्रतिदिन 7 सेमी व्यास वाले एक बेलनाकार कटोरे में सूप (soup) दिया जाता है। यदि यह कटोरा सूप से 4 सेमी ऊँचाई तक भरा जाता है, तो इस अस्पताल में 250 रोगियों के लिए प्रतिदिन कितना सूप तैयार किया जाता है?

Answer 8 :

बेलनाकार कटोरे का व्यास = 7 सेमी
कटोरे की त्रिज्या (r) = सेमी

कटोरे की ऊँचाई (h) = 4 सेमी
बेलनाकार कटोरे में डाले गए सूप का आयतन = πr²h
x 4 घन सेमी

= 154 घन सेमी।
1
रोगी के लिए आवश्यक सूप की मात्रा = 154 घन सेमी
250
रोगियों के लिए आवश्यक सूप की मात्रा = 250 x 154 घन सेमी = 38,500 घन सेमी

= 38.5
लीटर
अत: प्रतिदिन 38,500 घन सेमी या 38.5 लीटर सूप तैयार किया जाता है।